स्वास्थ्य सलाह latest पतंजलि लोकप्रिय उत्पाद

यूरिक एसिड की रामबाण दवा पतंजलि-7 दिन में यूरिक एसिड होगा आराम

यूरिक एसिड की रामबाण दवा पतंजलि: यूरिक एसिड आजकल बहुत गंभीर समस्या बन चुका है। मैंने ऐसी कई लोगों को देखा है जो आपने पैरों के घुटनों और जोड़ों के दर्द से परेशान रहते हैं। यदि आपके भी पैरों के उंगलियों या अंगूठे में या पैरों के घुटने में दर्द है तो आपको इसको बिल्कुल भी नजर अंदाज नहीं करना चाहिये। ये लक्षण आपके शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के संकेत हो सकते हैं।

जब व्यक्ति के शरीर में किडनी आपना काम ठीक तरीके से नहीं करता है या किडनी खराब होने लगती है तो व्यक्ति को यूरिक एसिड जैसी बीमारी का सामना करना पड़ता है।

यू तो यूरिक एसिड का निर्माण हमारे द्वारा किए गये भोजन में उपस्थित हाईड्रोजन, ऑक्सीजन और नाईट्रोजन इत्यादि तत्वों से मिलकर होता है। जहाँ पर किडनी इस अतरिक्त यूरिक एसिड को छान कर बाहर निकाल देती है।

लेकिन वहीं पर जब किडनी किसी कारणवश अपना काम करना बंद कर दे तो यही एसिड शरीर में हड्डियों के बीच रकत्र होने लगता है। इसके कारण कई तरह की खतरनाक बीमारियां भी हो सकती हैं, जिनमें मल्टीपल ऑर्गन फेलियर, किडनी फेलियर और दिल से संबंधित समस्याएं शामिल हैं।

इसलिए आपको यूरिक एसिड से बचाने के लिए मैं इस पोस्ट में यूरिक एसिड की रामबाण दवा पतंजलि के बारे में बताऊँगी। यदि आप भी इस बीमारी से पीड़ित हैं और यूरिक एसिड को जड़ से खत्म करने का उपाय खोज रहे हैं तो आप इस पोस्ट पर बने रहिए।

ये भी पढे: पारिजात है औषधीय गुणों से भरपूर, जानिये-हरसिंगार के फायदे और नुकसान

यूरिक एसिड की पतंजलि की दवा

यूरिक एसिड को ठीक करने के लिए आप पतंजलि की दवा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। नीचे दी गई दवाईयां यूरिक एसिक को ठीक करने में बहुत ही अधिक कारगर हैं। आप इनमे से कोई भी दवा खरीद सकते हैं।

Kaishore गुगुल, 80 टैब

Kaishore गुगुल, 80 टैब

कैशोर गुग्गुल प्रदूषित वातावरण या अस्वास्थ्यकर आहार से उत्पन्न विषाक्त पदार्थों के आपके रक्त को शुद्ध करता है। यह आपके शरीर को यूरिक एसिड के उत्पादन को संतुलित करने में मदद करता है और गाउट को नियंत्रित करता है।
₹56.00
now ₹46.00
Save ₹10.00
giloy

Patanjali Divya गिलोय घानवती (80 g) – 2 का पैक

गठिया और जोड़ों के दर्द से आपको दिलाये राहत| यह हड्डियों के दर्द में भी आपको काफी आराम पहुँचाता है।
₹200.00
now ₹190.50
Save ₹9.50
बेरी

बेरी और नट सूखे चीनी मुक्त ब्लूबेरी 

कई आयुर्वेदिक चिकित्सक शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को कम करने के लिए अपने आहार में चेरी और डार्क बेरी को शामिल करने की सलाह देते हैं।.
₹1,900.00
now ₹1,710.00
Save ₹190.00

यूरिक एसिड क्या है?

आयुर्वेद के अनुसार यूरिक एसिड रक्त में पाया जाने वाला एक अपशिष्ट पदार्थ है। जब शरीर में दूषित खून की मात्रा बढ़ जाती है, तो इसकी वजह से वायु का मार्ग बंद हो जाता है। शरीर के अंदर रुकी हुई वायु खून को और भी अधिक दूषित बना देती है।

इससे शरीर प्यूरीन नामक रसायनों को तोड़ने लगता है। यही पदार्थ रक्त में घुलकर धीरे-धीरे पैरों में इकट्ठा होने लगता है। प्यूरीन से भरपूर खाद्य और पेय पदार्थ भी यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ाते हैं।

आमतौर पर महिला के शरीर में यूरिक एसिड का स्तर 2.6 से 6.0 mg/dl और पुरुषों में यूरिक एसिड का स्तर 3.4 से 7.0 mg/dl तक होना चाहिए| यदि आपको भी पैरों के जोड़ों में या पैरों के पंजों में दर्द रहता है तो आपको भी अपने डॉक्टर से तुरन्त यूरिक एसिड यूरिन टेस्ट करवाना चाहिए|

यूरिक एसिड की जाँच आपके पेशाब या यूरिन से किया जाता है, पेशाब में यूरिक एसिड मात्रा बढ़ने पर गाउट की परेशानी हो सकती है। यूरिक एसिड को कम करने के घरेलू उपाय अपनाकर आप आसानी से इस परेशानी से छुटकारा पा सकते है|

यूरिक एसिड बढ़ने के कारण

अभी ऊपर मैंने आपको बताया की यूरिक एसिड क्या होता है। और इससे आपको कौन-कौन सी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यदि आपको यूरिक एसिड का इलाज करना है तो आपको सबसे पहले जानना होगा की यूरिक एसिड होने का क्या कारण है। तभी आप यूरिक एसिड का रामबाण इलाज कर पाएंगे।

ज्यादातक लोगों को लगता है की गलत खान-पान की वजह से यूरिक एसिड बढ़ता है। लेकिन इसके साथ-साथ और भी यूरिक एसिड बढ़ने के और भी कई कारण होते हैं। तो आईये इस सभी कारणों को जानते हैं।

  • किडनी या गुर्दे खराब होने की वजह से फिल्ट्रेशन की क्षमता कम हो जाती है जिससे यूरिया, यूरिक एसिड में परिवर्तित हो जाता है और परिणाम स्वरूप हड्डियों के बीच जमा हो जाता है।
  • बहुत अधिक मोटापा होने की वजह से।
  • भोजन में प्यूरिन की मात्रा अधिक होने की वजह से।
  • बहुत अधिक शराब का सेवन करने की वजह से।
  • व्यक्ति के शरीर में आयरन की मात्रा बहुत अधिक होने की वजह से।
  • अत्यधिक रक्तचाप होने की वजह से।
  • जो व्यक्ति थायराईड की समस्या से ग्रसित होते हैं, उनको भी यूरिक एसिड की समस्या अधिक रहती है।

यूरिक एसिड को जड़ से खत्म करने का उपाय

अभी आपने जाना की ये बीमारी आपको किन कारणों से हो सकती है। अब आईए जान लेते हैं की यूरिक एसिड को जड़ से खत्म करने का क्या उपाय है। यूरिक एसिड को जड़ से खत्म करने के लिए मैं आपको कुछ घरेलू उपाय बताऊँगी जो आपको यूरिक एसिड को जड़ से खत्म करने में आपकी मदद करेंगे।

खासकर यह बीमारी आपके असंतुलित भोजन और जीवनशैली के कारण होती है। तो यदि आप अपने जीवनशैली में सुधार और खान-पान पर नियंत्रण कर लें तो आप काफी हद तक यूरिक एसिड को नियंत्रित कर सकते हैं।

  • यूरिक एसिड की समस्या होने पर प्रोटीन से भरपूर पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिये।
  • ऐसे में मांसाहारी भोजन भी नहीं करना। खासकर कलेजी, अंडा, और गुर्दा आदि का सेवन नहीं करना चाहिये।
  • यूरिक एसिड बढ़ने पर ट्राउट, टूना आदि मछलियों से परहेज करें।
  • यूरिक एसिड बढ़ने पर ट्राउट, टूना आदि मछलियों से परहेज करें।
  • इस बीमारी मे समुन्द्री माँस-मछली और केकड़ा से भी परहेज करें।
  • जिनको मधुमेह हैं उनको चीनी का प्रयोग नहीं करना चाहिये। इससे भी यूरिक एसिड बढ़ता है।
  • शहद और ऐसे पदार्थ जिनमें हाई फ्रक्टोस (High Fructose) हो, उन पदार्थों का सेवन न करें।
  • यूरिक एसिड को नियंत्रण में करने के लिए आप फलों का सेवन कर सकते हैं।
  • हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें।
  • आप साबुत अनाज में ओट्स, ब्राउन राइस और जौ खाएँ।
  • यूरिक एसिड के मरीजों को अण्डा खिलाना चाहिए।
  • कॉफी, चाय और ग्रीन-टी का सेवन करें।
  • यूरिक एसिड के मरीजों को गिलोय का सेवन करना चाहिय।

यूरिक एसिड घरेलू उपचार

यूरिक एसिड को जड़ से खत्म करने के लिए आप कई सारे घरेलू इलाज भी अपना सकते हैं। जो आपको यूरिक एसिड को नियंत्रण रखने मे मदद करता है। जिनमे से कुछ उपचार मैं आपको बता रही हूँ।

सेब का सिरका:

सेब का सिरका पूरे शरीर के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इसमें उपस्थित एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुण यूरिक एसिड की मात्रा को नियंत्रित करने में बहुत मदद करते हैं। यह पाचन तंत्र को भी स्वस्थ करने में मदद करता है।

ऐसे में आप रोजाना सेब के सिरके का सेवन करें जो आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके लिए एक गिलास पानी में 1 से 2 चम्मच सेब का सिरका डालकर पीना चाहिए।

लौकी का सूप:

यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए लौकी का सूप फायदेमंद है। क्योंकि, इसमें विटामिन सी, बी और आयरन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ऐसे में आपको नियमित रूप से लौकी के जूस का सेवन करना चाहिए। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि लौकी कड़वी ना हो।

यूरिक एसिड में व्यायाम

नियमित रूप से व्यायाम करने से आपका पाचन शक्ति ठीक रहती है। जिससे आपकी यूरिक एसिड नियंत्रित रहती है। यूरिक एसिड काे कंट्राेल करने के लिए आप नियमित रूप से नीचे दिए गये याेगासन भी कर सकते हैं।

1.अर्ध उत्तानासन

yoga for beginners inside 2

2. कपाेतासन

Kapotasana 1024x478 1

3. मंडूकासन

compressed ezuu

संबंधित प्रश्न:

यूरिक एसिड की आयुर्वेदिक दवा बताएं?

यूरिक एसिड में गिलोय का इस्तेमाल बहुत अधिक फायदेमंद है। डॉक्टर के अनुसार गिलोय यूरिक एसिड को कंट्रोल करके उसको नियंत्रित रखता है।

एक अध्ययन के मुताबिक गिलोय के तने का रस अर्थराइटिस यानी गठिया को ठीक करने के लिए सबसे प्रभावी आयुर्वेदिक उपचारों में से एक है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें मौजूद गुण शरीर में बढ़े हुए यूरिक एसिड के स्तर को सामान्य करने में मददगार साबित होते हैं।

यूरिक एसिड में कौन सी दवाई खानी चाहिए?

यूरिक एसिड के लिए आप- यूरी नाशक आयुर्वेदिक कैप्सूल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके आलवा कुछ घरेलू दवाओ का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

जैसे- सेब का सिरका पूरे शरीर के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इसमें उपस्थित एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेंटरी गुण यूरिक एसिड की मात्रा को नियंत्रित करने में बहुत मदद करते हैं। यह पाचन तंत्र को भी स्वस्थ करने में मदद करता है।

यूरिक एसिड की अंग्रेजी दवा कौन सी है?

यूरिक एसिड की अंग्रेजी दवा में आप फेबुरिक 20 टैबलेट एक दवा है जिसका इस्तेमाल गठिया का इलाज करने तथा इसकी रोकथाम करने के लिए किया जाता है।

गठिया तब होता है जब शरीर में बहुत अधिक यूरिक एसिड जमा होकर क्रिस्टल बन जाता है जो आपके जोड़ों के आसपास दिखाई देता है जिससे जोड़ों में दर्द और सूजन हो सकती है. यह दवा यूरिक एसिड के स्तर को कम रखने में मदद करती है.

यूरिक एसिड में गिलोय के फायदे

यूरिक एसिड में गिलोय के फायदे बहुत अधिक है। क्योंकि इसमें मौजूद गुण शरीर में बढ़े हुए यूरिक एसिड के स्तर को सामान्य करने में मददगार साबित होते हैं। गिलोय में एंटी-इंफ्लेमेट्री और दर्द कम करने के गुण पाए जाते हैं जो यूरिक एसिड के लक्षणों को कम करने में लाभकारी सिद्ध होते हैं।

निष्कर्ष:

आपने इस पूरे पोस्ट में जाना की यूरिक एसिड कितना कष्टदायी बीमारी है। यदि यह किसी भी व्यक्ति को हो जाए तो उसको कई और तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है। यूरिक एसिड होने पर दूषित खून कृष्टतल के रूप में परिवर्तित होकर हड्डियों के बीच जमा होने लगते हैं। जिससे शरीर में गठियाँ और जोड़ों में दर्द जैसी समस्या उत्पन्न होने लगती है।

ऐसे में पीढ़ित व्यक्ति को उठने बैठने में काफी कष्ट होता है। यूरिक एसिड के बढ़ने से किडनी के खराब और फेल होने का भी खतरा बना रहता है। इसलिए इस पोस्ट में मैंने आपको बताया है की आप किस तरह से यूरिक ऐसिड से खूद को बचा सकते हैं। इसके आलावा आप इस पोस्ट में मैंने यूरिक एसिड की रामबाण दवा पतंजलि के बारे में भी बताया है। जिसका इस्तेमाल करके आप अपना यूरिक एसिड नियंत्रित कर सकती हैं।

उम्मीद है की यह पोस्ट आपके लिए कारगर साबित होगा। इस पोस्ट में बताये गये उपचार का इस्तेमाल आप कर सकते हैं। यदि आपको इस पोस्ट से संबंधित कोई सवाल पूछना हो या आपको कोई सुझाव देना हो तो आप मुझे कमेन्ट करके बता सकते हैं।

Leave a Comment