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पतंजलि स्वर्ण कान्ति क्रीम का सच| क्या यह क्रीम सच में चेहरे को गोरा बनाती है?

चेहरे की खूबसूरती के लिए हम क्या क्या नहीं करते हैं। कितनी तरह की क्रीम का भी इस्तेमाल करते हैं। ताकि चेहरा सुंदर दिखे। और पतंजलि स्वर्ण कांति क्रीम का सच के बारे में तो आपने सुना ही होगा। यह क्रीम जबसे मार्केट में आया है तबसे काफी चर्चा में रहा है। इंटरनेट पर इसके बहुत सारे रिव्यू भी पढ़े होंगे। काफी लोग तो इसका इस्तेमाल भी कर रहें हैं । 

लेकिन क्या आपको पता है की पतंजलि स्वर्ण कांति क्रीम को बनाने में किन पदार्थों का इस्तेमाल किया गया है? ये पदार्थ आपकी त्वचा और चेहरे के लिए हानिकारक हैं या नहीं? क्योंकि क्रीम में इस्तेमाल किये जाने वाले कई पदार्थों से आपको गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसमें पैराबीन जैसे रसायन के लंबे इस्तेमाल से त्वचा कैंसर भी होने की संभावना रहती है।

यदि आप भी पतंजलि और आयुर्वेद के नाम पर इस क्रीम का अंधाधुन इस्तेमाल किये जा रहे हैं तो जरा रुकिए क्योंकि यह कंपनी अपने कई उत्पादों को लेकर विवाद में रही है। और आयुर्वेद के नाम पर हानिकारक रसायन का भी इस्तेमाल करती है।  

तो इस क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले इसको अच्छे से जान लें। आप इस पोस्ट को पूरा पढ़िये। इस आर्टिकल में मैं आपको पतंजलि स्वर्ण कान्ति क्रीम में इस्तेमाल सभी पदार्थों के बारे में अच्छे से बताऊँगी। ताकि इस पोस्ट को पढ़ने के बाद आप खुद फैसला कर सके की आपको इस क्रीम को लेना चाहिए या नहीं। 

पतंजलि स्वर्ण कांति क्रीम क्या है?

पतंजलि स्वर्ण कांति क्रीम पतंजलि की तरफ से चेहरे को सुंदर और आकर्षक दिखाने के लिए बनाया गया है। हालांकि यह क्रीम अन्य क्रीम की तरह चेहरे पर सफेदी नहीं छोड़ता है। लेकिन इसके लंबे इस्तेमाल से समय के साथ यह त्वचा के रंग में सुधार लाता है।

यह क्रीम चेहरे के दाग-धब्बों और मुहाँसों को हटाकर चेहरे की रंगत को सुधारने में मदद करता है। पतंजलि स्वर्ण कान्ति क्रीम एक गोरा करने वाली क्रीम(फेयरनेस) के बजाय एक मॉइस्चराइजिंग क्रीम की तरह अधिक काम करता है जो की मेरे लिए ठीक है क्योंकि मुझे अपने त्वचा की रंग पर बहुत गर्व है।

यह क्रीम बाजार में आने वाली अन्य फेयरनेस क्रीम के मुकाबले काफी हद तक सुरक्षित है। क्योंकि इसको बनाने में प्राकृतिक तत्वों का इस्तेमाल किया गया है। 

यदि आपको झाईयां हैं तो आप पतंजलि पिग्मन्टैशन क्रीम का इस्तेमाल कर सकती है।

 पतंजलि स्वर्ण कान्ति क्रीम सामग्री और तत्व

पतंजलि स्वर्ण कान्ति क्रीम के इंग्रेडिएंट्स को दो भागों में बाँटा कर समझते हैं। एक प्राकृतिक तत्व और दूसरा कृत्रिम (बनावटी तत्व)। हालांकि पतंजलि का दावा है की यह क्रीम पूरी तरह से प्राकृतिक है लेकिन ऐसा है नहीं। इसमें बेस के रूप में कुछ रसायन का भी इस्तेमाल किया गया है। 

प्राकृतिक सामग्री

  •  डिसोडियम
    (EDTA disodium)
    EDTA का उपयोग आमतौर पर क्रीम और खाद्य पदार्थों में किया जाता है। यह उत्पादों में इस्तेमाल सभी पदार्थों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है। यह क्रीम को त्वचा में जल्दी अवशोषित होने में मदद करता है।
     FDA के अनुसार इसकी थोड़ी मात्रा में इस्तेमाल त्वचा के लिए हानिकारक नहीं है। इसके अधिक इस्तेमाल से त्वचा पर जलन जैसी समस्या हो सकती है। वहीं पर यह पर्यावरण के लिए अधिक हानिकारक माना जाता है क्योंकि यह जल्दी खराब नहीं होता है और कई तरह के पर्यावरण प्रदूषण का कारण बनता है।
  • गेहूं के बीज का तेल (ट्रिटिकम सैटिवम)
    गेहूं के बीज का तेल में विटामिन ई, विटामिन बी 6, फोलिक एसिड, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, मैग्नीशियम और कई अन्य आवश्यक पोषक तत्वों का एक समृद्ध स्रोत है, जो त्वचा के लिए फायदेमंद है। इसका तेल बहुत पतला होता है जिसकी वजह से त्वचा में जल्दी अवशोषित होता है।
  • जोजोबा तेल (सिममंडसिया चिनेंसिस)
    जोजोबा तेल में विटामिन ई का गुण होता है और विटामिन ई एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो त्वचा  को लंबे समय तक जवान रखने में मदद करता है। यह तेल त्वचा को मुहाँसे और झाईयों से भी बचाता है। 
  • चिरौंजी तेल
    (बुकानिया लैटिफोलिया)
    चिरौंजी के तेल क्रीम में त्वचा की सूजन को कम करने का गुण होता है। चिरौंजी तेल के इस्तेमाल से चेहरे में चमक आती है।
  • मंजिष्ठ अर्क
    (रूबिया कॉर्डिफोलिया)
    मंजिष्ठ अर्क झाइयां और मुहांसे के लिए बहुत ही कारगर होता है। इसके नियमित इस्तेमाल से पुरानी से पुरानी झाईयां भी दूर हो जाती है।
  • हल्दी का सत्त
    (करकुमा लोंगा)
    हल्दी के अंदर जीवाणु रोधक गुण होते हैं। यह त्वचा की मृत कोशिकाओं की मरम्मत करता है और त्वचा के रोमछिद्रों को खोलकर उसको अंदर से साफ करता है। 
  • केला
    (मूसा सेपिएंटम)
    केला में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा डिटॉक्सिफायर की तरह काम कर चेहरे पर मौजूद विषाक्त प्रदूषकों और मृत कोशिकाओं को हटाने का काम करते हैं। साथ-साथ यह चेहरे को जरूरी पोषक तत्व देता है, जिसके फलस्वरूप चेहरा आकर्षण दिखता है।
  • रेवंड चीनी
    (रयूम इमोडी)
    रेवंड चीनी के अंदर प्रोटीन, वसा, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और खनिज, जैसे कैल्शियम आदि पोषक तत्व पायें जाते हैं। जो त्वचा के लिए लाभकारी होते हैं। यह त्वचा के अंदर सूजन को भी कम करता है।
  • मुलेठी
    (ग्लाइसीराइजा ग्लबरा)
    मुलेठी के अंदर एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबायोटिक गुण पायें जाते हैं। जो त्वचा को संक्रमण से बचाता है। यह चेहरे की त्वचा में भी निखार लाता है।
  • विटामिन बी3, सी और ई
    विटामिन बी3, सी और ई तीनों त्वचा के लिए बहुत उपयोगी है। विटामिन बी सूरज की किरणों से झुलसी त्वचा की मरम्मत करता है। इसके अलावा विटामिन बी त्वचा को कैंसर से भी बचाता है। 
    विटामिन सी त्वचा की झुर्रीयों और झाईयों को कम करता है। वही विटामिन ई त्वचा को दाग- धब्बों से राहत देता है।  
  • पानी
    (Aqua)
    पानी का उपयोग मुख्य रूप से सौंदर्य प्रसाधनों और व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों में विलायक के रूप में किया जाता है जिसमें यह कई ऐसे अवयवों को घोलता है जो त्वचा के लाभ प्रदान करते हैं, जैसे कंडीशनिंग एजेंट और सफाई एजेंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

कृत्रिम सामग्री

  •  डिसोडियम(EDTA disodium)
    EDTA का उपयोग आमतौर पर क्रीम और खाद्य पदार्थों में किया जाता है। यह उत्पादों में इस्तेमाल सभी पदार्थों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए किया जाता है। यह क्रीम को त्वचा में जल्दी अवशोषित होने में मदद करता है।

     FDA के अनुसार इसकी थोड़ी मात्रा में इस्तेमाल त्वचा के लिए हानिकारक नहीं है। इसके अधिक इस्तेमाल से त्वचा पर जलन जैसी समस्या हो सकती है। वहीं पर यह पर्यावरण के लिए अधिक हानिकारक माना जाता है क्योंकि यह जल्दी खराब नहीं होता है और कई तरह के पर्यावरण प्रदूषण का कारण बनता है।
  • सीटिल पामिटेट(Cetyl palmitate)
    इसका उपयोग क्रीम को गाढ़ा बनाने वाले तत्व के रूप में किया जाता है। यह त्वचा की सतह को नरम और चिकना करने में मदद करता है। लेकिन इसका 2.5%-2.7% से अधिक उपयोग त्वचा को रूखा बनाता और त्वचा में जलन पैदा करता है। 
  • सिटीरिल एल्कोहोल(Cetearyl alcohol)
    सिटीरिल एल्कोहोल त्वचा को मुलायम बनाने के लिए क्रीम में इस्तेमाल किया जाता है। यही नहीं यह रूखी त्वचा के लिए बहुत उपयोगी तत्व माना जाता है। 
    यह FDA द्वारा गैर-विषाक्त पदार्थ है इसलिए क्रीम में इसको इस्तेमाल करने की अनुमति मिली है। आमतौर पर इससे त्वचा को कोई हानी नहीं पहुँचती लेकिन यदि त्वचा संवेदनशील है तो जलन और खुजली जैसी समस्या हो सकती है। 
  • प्रोपलीन ग्लाइकोल (propylene glycol)
    यह त्वचा में नमी बनाए रखने के लिए क्रीम तथा अन्य उत्पादों में इसका इस्तेमाल किया जाता है। इससे भी त्वचा में जलन या त्वचा का लाल होने जैसी समस्या नहीं होती है। इसकी अधिक मात्रा त्वचा को त्वचा को संवेदनशील बना देती है।
  • सोडियम हाईड्रा
    ऑक्साइड
    (NAOH)
    सोडियम हाईड्राऑक्साइड जो की lye के नाम से भी जाना जाता है। यह उत्पादों में बहुत ही कम मात्रा में इस्तेमाल किया जाता है। जो की उत्पादों के PH मात्रा को बराबर रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसकी अधिक मात्रा या त्वचा पर इसके सीधे इस्तेमाल से त्वचा जल सकती है। यह एक हानिकारक रसायन है।
  • शुद्ध सोना(gold purified)
    इसका उपयोग त्वचा के निखार को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इस उत्पाद में शुद्ध सोने का इस्तेमाल कितनी मात्रा में हुआ है इसकी कोई जानकारी नहीं है। 
  • डायज़ोलिडिनिल यूरिया और आईपीबीसी
    डायज़ोलिडिनिल यूरिया और IPBC उत्पादों में संरक्षक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह क्रीम को जीवाणुओं से सुरक्षित रखता है। आमतौर पर इससे नुकसान नहीं होता लेकिन कुछ लोगों की त्वचा इससे संवेदनशील हो सकती है। जिसकी वजह से त्वचा पर दाने, चकत्ते निकल सकते हैं।
  • सुगंधित द्रव्य
    इसका इस्तेमाल क्रीम को खुशबूदार बनाने के लिए किया जाता है। ये प्राकृतिक और रासायनिक दोनों प्रकार के हो सकते हैं। रासायनिक खुशबूदार पदार्थ त्वचा के लिए हानिकारक होते हैं। पतंजलि स्वर्ण कांति क्रीम में किस तरह की खुशबू का इस्तेमाल किया गया है इसकी कोई जानकारी क्रीम के बॉक्स पर नहीं है। 

ध्यान देने योग्य बात

इसमें जीतने भी रसायन इस्तेमाल किये गये हैं, वो कितनी मात्रा में हैं इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है। 

क्रीम में खुशबू के लिए किस तरह के खुशबूदार द्रव्य का इस्तेमाल किया गया है इसकी भी कोई जानकारी नहीं दी गई है। 

Q.S.(Quantity Sufficient): कंपनी ने क्रीम के डब्बे पर साफ साफ लिखा है की जीतने में बनावटी रसायन इस क्रीम में इस्तेमाल किये गये हैं वो बराबर मात्रा में हैं। मतलब की उतना ही इस्तेमाल किया गया है जितना की जरूरी है, जिससे की त्वचा को कोई नुकसान ना हो। 

पतंजलि स्वर्ण कान्ति क्रीम कैसे उपयोग करे

पतंजलि स्वर्ण  कान्ति  क्रीम कैसे उपयोग करे
  • पतंजलि स्वर्ण कान्ति क्रीम लगाने से पहले चेहरे को अच्छे से धुलें। 
  • चेहरा धुलने के बाद पानी सुख ले। 
  • अब अपने हथेली पर थोड़ा सा निकालें और गर्दन से लेकर पूरे चेहरे पर अच्छे से लगायें। 
  • उंगलियों से थोड़ी देर तक मसाज करें। 
  • त्वचा में अच्छी तरह से अवशोषित होने दें। 

पतंजलि स्वर्ण कान्ति क्रीम के फायदे व नुकसान

फायदे

  • इस क्रीम के लंबे इस्तेमाल से त्वचा पर दाग-धब्बों के निशान में राहत मिलती है। 
  • त्वचा के रंगत पर की काफी फर्क देखने को मिलता है। 
  • आयुर्वेदिक तत्वों से मिलकर बना है, इसलिए त्वचा को कोई नुकसान भी नहीं पहुँचता। 
  • पैकिंग काफी अच्छी है। 

नुकसान

  • यह क्रीम दावा करती है त्वचा को गोरा बनाने की लेकिन ये ऐसा कुछ नहीं करती है। 
  • बहुत महँगा है। अधिक दाम में थोड़ी मात्रा में क्रीम मिलती है। 
  • क्रीम में गोल्ड होने की बात की जाती है लेकिन ऐसा कुछ नहीं ये बस उत्पाद बेचने का तरीका है।

पतंजलि स्वर्ण कान्ति क्रीम प्राइस/ कहाँ से खरीदें

 पतंजलि स्वर्ण कान्ति क्रीम

patanjali swarna kanti cream
  • इसकी 50g का पैक आपको पतंजलि स्टोर पर 999 यानि लगभग हजार रुपये में मिलता है। जो की क्रीम की मात्रा के हिसाब से बहुत ही ज्यादा है।  

पतंजलि स्वर्ण कान्ति क्रीम के बारे में उपभोक्ता क्या कहते हैं?

काफी लोग इस क्रीम का इस्तेमाल करते हैं जिसमें कई उपभोक्ताओं ने इसको नापसंद भी किया है और कई लोग पसंद भी करते हैं।  तो आईये देखते हैं उपभोक्ता क्या कहते हैं इस क्रीम के बारे में।

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पतंजलि स्वर्ण कान्ति क्रीम की जगह करें इस क्रीम का इस्तेमाल

हालांकि यह क्रीम है तो आयुर्वेदिक लेकिन यदि आप इसको ये सोचकर खरीद रहे हैं की यह त्वचा को गोरा कर देगा। तो यह क्रीम ऐसा कुछ भी नहीं करता है। यह एक त्वचा को मुलायम रखने वाली क्रीम की तरह ही काम करता है। 

ऊपर से इसमें इस्तेमाल होने वालें अतरिक्त रासायनिक तत्वों की जानकारी भी ठीक से नहीं दी गई है। पतंजलि के सभी उत्पादों के मुकाबले यह सबसे महँगी क्रीम है। लेकिन इतना महँगा क्रीम लेने का कोई मतलब नहीं है।  बस ये समझ लीजिए की इतना अधिक पैसा देकर आप बस एक मॉइस्चराइज़र खरीद रहें हैं।

ये भी पढ़ें: घरेलू नुस्खों से पाए गोरी त्वचा।

कुमकुमादी क्रीम (kumkumadi cream)

पतंजलि स्वर्ण कांति क्रीम की जगह आप कुमकुमादी क्रीम का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस क्रीम के नियमित इस्तेमाल से त्वचा में अच्छी निखार आती है। इस क्रीम में इस्तेमाल होने वाले सभी तत्वों के बारे में सही जानकारी भी दी गई है, जो की पूरी तरह से सुरक्षित है। इसके साथ साथ इस क्रीम का 100 g का पैक आपको केवल 368 रुपये में ही मिल जाता है। जो की पतंजलि के हिसाब से काफी सस्ता है। 

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कुमकुमादी क्रीम

  • चेहरे को निखारे
8.4
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 संबंधित प्रश्न

पतंजलि स्वर्ण कांति क्रीम कितने की आती है?

इस क्रीम की 50 g का पैक 999 में आता है। यह क्रीम पतंजलि के सभी उत्पादों के मुकाबले काफी महँगी है।

चेहरा साफ करने के लिए कौन सी क्रीम अच्छी है?

चेहरा साफ करने की सबसे अच्छी क्रीम AURAVEDIC Kumkumadi Skin Brightening Gel है इस क्रीम के इस्तेमाल से त्वचा प्राकृतिक रूप से गोरी होती है। और यह क्रीम अन्य क्रीम के मुकाबले काफी अच्छी और सुरक्षित है क्योंकि यह क्रीम पूरी तरह से आयुर्वेदिक है। 

क्या पतंजलि स्वर्ण कांति क्रीम से आदत लग सकती है?

नहीं पतंजलि स्वर्ण कांति क्रीम के इस्तेमाल से इसकी आदत नहीं लगती है। हाँ ये अलग बात है की यदि ये क्रीम आपकी त्वचा को फायदा पहुँचा रही है तो आप इसका इस्तेमाल लंबे समय तक कर सकते हैं। ये पूरी तरह से आप पर निर्भर है। 

हमारी राय

मेरे हिसाब से इस क्रीम को लेना बिल्कुल ठीक नहीं है। क्योंकि यह क्रीम बहुत महँगी है। और ये क्रीम चेहरा को गोरा करने का दावा करती है लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं करती है । इससे अच्छा है की पतंजलि के जो सस्ते क्रीम हैं आप उनका इस्तेमाल करें। वो ज्यादा अच्छे हैं। यदि आपको अच्छे क्रीम का इस्तेमाल करना ही है तो आप कुमकुमादी क्रीम का प्रयोग कर सकते हैं। 

ये सिर्फ मेरी राय है यदि आपको पतंजलि स्वर्ण कांति क्रीम इस्तेमाल करना पसंद है तो आप करें। क्योंकि यह क्रीम सुरक्षित है इसका चेहरे पर कोई नुकसान नहीं होता है। इस पोस्ट में मैंने पतंजलि क्रीम के बारे में सब कुछ बताने की पूरी कोशिश की है। 

यदि आपको इस क्रीम के बारे में कोई संदेह हो तो आप मुझे कमेन्ट करके जरूर पूछें। इसके अलावा यदि आपने इसका इस्तेमाल किया है या कर रहें हैं तो अपना अनुभव मेरे साथ जरूर बाटें। 

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