पतंजलि कान की दवा- कान के दर्द के लिए आयुर्वेदिक दवा

यूं तो आप बाज़ार से कान की किसी भी दवा का प्रयोग कर लेते होंगे, लेकिन आपको पता है, कान व शरीर के लिए कोई भी दवा ऐसे ही प्रयोग नहीं करनी चाहिए, क्यों कि वह हानिकारक होती है। कान के लिए वैसे तो सभी ऐसी दवा ही इस्तेमाल करना पसंद करेंगे जो लाभकारी भी हो और साथ ही कोई नुकसान भी न करें।

तो चलिए आज हम आपको ऐसी ही दवा के बारे में बताते है,जो कान से जुड़ीं सभी रोगों को ठीक करती है , और आपके कान को कोई हानि भी नहीं पहुंचती है। यह दवा पतंजलि के द्वारा निर्मित है, जो कान के रोग को ठीक करती है। जिसका विवरण हम आपको विस्तार से बताएंगे।

पतंजलि अपने सभी प्रोडक्ट को आयुर्वेदिक तत्वों से बनाता है, ऐसे ही पतंजलि कान की दवा भी आयुर्वेदिक व प्राकृतिक चीजों से बनकर तैयार की गई है।

पतंजलि कान की दवा- ear checkup graphic पतंजलि कान की दवा

पतंजलि कान की दवा आपके कान के सभी रोगों को जल्द से जल्द ठीक करती है, इस दवा को आप आसानी से प्रयोग कर इसका लाभ ले सकते है।

अब आपको दवा के बारे में जानने के लिए आप इस लेख को पढ़े, ओर साथ ही इस लेख में आपको  कान से जुड़ी चीजों के बारे में भी  जानने को मिलेगा।

कान में इन्फेक्शन कैसे होता है?

कान में इंफेक्शन होने की वजह यह है, कि  जब  कान के  अंदर की तरफ दर्द होने लगता है ।जो  स्विमिंग करने , हेडफोन लगाने, कॉटन या उंगली डालने पर कान में बाहरी तरफ इंफेक्शन होने लगता है।

जिससे  कान के अंदर की त्वचा छिल जाए  या पानी चले जाने की वजह से कान में बैक्टीरिया भी हो जाते है,जो आगे चलकर इंफेक्शन बनता है। ओर जिसकी वजह से कान का  ट्रैक्ट इंफेक्शन की वजह से कान के  बीच में  इंफेक्शन हो जाता है। तो इस तरह से कान में इंफेक्शन होता है ।

कान  सम्बंधित कौन सी समस्याएं होती है?

कान के दर्द के अलावा अन्य कई रोग होते है ,जैसे :कर्ण में विद्रधि (फोड़ा) यह कान में ज़्यादा दर्द देता है, यह पस के रूप में होता है।

मध्यकर्ण की विद्रधि (Otitis media), बधिरता यह जुखाम के बार बार होने पर होता है, कान में मैल जमना भी एक तरह का रोग है, जिसपर अगर ध्यान नहीं दिया गया तो यह दर्द दायक होता है ।

कान, नाक और गले की समस्याओं में सम्बन्ध 

पतंजलि कान की दवा- ear pain पतंजलि कान की दवा

 कान,नाक और गले की समस्याओं में सम्बन्ध यह है, कि यह  शरीर के सारे अंग एक दूसरे से जोड़े हुए है ,ओर अगर इनमें से किसी भी अंग में कोई इंफेक्शन या समस्या होती है ,तो इसका असर तीनों पर पड़ता है । यह आप देख सकते है ,जब आपको , गला खराब होने,नाक बंद होना और जुखाम खासी आदि ।

और पढ़िए : पथरी की दवा पतंजलि दिलाये पुराने दर्द से आराम

कान में दर्द होने के कारण?

कान में दर्द होने का एक कारण नहीं है ,इसके अनेक कारण हो सकते है :-

  • यह तब होता है ,जब जबड़े में सूजन होती है , क्यों कि हमारी आंख , नाक ,ओर कान की नश एक दूसरे से जोड़ी होती है । और साथ ही कान में फुंसी होना , और अगर कोई बाहरी चीज़ या कीड़ा कान में घुस जाए, तब कान में दर्द होता है ।
  • किसी बारीक ,पतली चीज़ से कान को खुजलाने से कान में दर्द हो सकता है।
  • सर्दी जुखाम ज़्यादा दिन तक रहने से भी कान में दर्द होता है।
  • कान में दर्द होने का कारण यह भी होता है,जब कान के पर्दे फट जाते या छेद होने से होता है।
  • कान में पानी या साबुन जाने से कान के अंदर वैक्स जमा हो जाता है,जिससे कान में दर्द होता है।
  • कान के अंदर इंफेक्शन होना भी कारण है दर्द का।

इयर बैरोट्राँमा यह कान में दर्द होना होता है ,जब  स्काइडाइविंग, स्कूवा डाइविंग या हवाई जहाज की उड़ानों के दौरान यह होता है,जैसे जब विमान लैंडिंग के लिए उतरता है तब वायुमंडलीय दबाव और कान दबाव में अंतर मध्य कान में वैक्यूम पैदा कर कान के पर्दे पर दबाव डालता है, जिससे  कान में दर्द होता है।

कान के इन्फेक्शन के लक्षण?

कान के इंफेक्शन के लक्षण यह है:-

  • कान के आस पास दर्द होता है।
  • इंफेक्शन कि वजह से बुखार भी हो जाता है।
  • कान से सुनना कम हो जाता है, आवाज़ कम आती है।
  • जलन और घंटी बजने जैसी आवाज आती है।
  • सरदर्द,कभी कभी नाक भी बंद हो जाती है।
  • कान से तरल जैसी चीज निकलती है।
  • कान में सूजन होना
  • उल्टी होना।
  • कभी कभी खून निकलना।

कान के दर्द का  इलाज 

Apne kaan ka rkhein dhyan- पतंजलि कान की दवा
  • कान के दर्द के लिए प्याज़ का रस लाभदायक होता है,इससे दर्द जल्द ही कम हो जाता है।
  • जैतून का तेल भी उपयोगी है ,इस तेल को थोड़ा गुनगुना करके फिर इस्तेमाल करें इससे राहत मिलती है ।
  • ऐसे ही अदरक जो आयुर्वेदिक जिसका रस कान के सूजन दर्द से राहत देता है। और उपयोग कान के इंफेक्शन में ज़्यादा लाभकारी होता है।
  • तुलसी के पत्ते को पीसकर उसका रस निकालकर कान में उपयोग करने से कान का दर्द जल्द कम हो जाता है ।
  • लहसुन भी कान के दर्द में लाभकारी है,जिसे आप 10-12कालिया लेकर पीस ले, और तिल के तेल में गर्म कर छान लें , और फिर इसका इस्तेमाल करें।
  • नीम की पत्तियां भी कान के लिए अच्छी होती है, इसमें एंटीबैक्टिरियल तत्व होते है, जो कान के दर्द के साथ इंफेक्शन को भी ठीक करता है ।इसकी पत्तियों को पीसकर रस बनाकर कान में डालने से कान में समस्या ठीक हो जाती है।

पतंजलि कान की दवा- DIVYA SARIVADI VATI

सारिवादि वटी यह एक आयुर्वेदिक औषधि है, जो कान के रोग, श्वास फूलना, नपुंसकता, पुराना बुखार, मिर्गी, बवासीर में लाभकारी होती है। इस वटी का प्रयोग ज़्यादातर कान के रोगों में किया जाता है। कान के रोगों के लिए यह पतंजलि  दवा बहुत ही लाभकारी है ।

DIVYA SARIVADI VATI

Sarivadi vati- पतंजलि कान की दवा
  • Price ₹140
  • Quantity: 320 Tablets
  • Pack of 2
  • Form: Tablets
  • Treatment: Hearing Care

इंग्रीडिएंट्स

  • Sweet Sativa
    यह एक तरह की पत्तियां होती है,जो मधुमेह ,दिल के रोग कान के रोग आदि में प्रयोग की जाती है।
  • Mulethi
    यह कान के दर्द ,नाक के दर्द और साथ ही आंख के लालपन को ठीक करता है।
  • Pushkar mool
    यह कान के दर्द से छुटकारा पाने में उपयोग की जाती है।
  • Dalchini
    यह एक तरह की ओषधि है,जिसका प्रयोग कान के बहरेपन,दर्द आदि को ठीक करता है।
  • Laghu Elaichi
    यह फेफड़ों के लिए,ब्लड प्रेसर ,ओर साथ ही गले और कान के लिए उपयोग किया जाता है।
  • Tejpatra
    यह एक प्रकार का मसाला है ,जिसका प्रयोग पेट दर्द ,पाचन के लिए व कान के लिए भी उपयोगी है।
  • Nagkeshar
    यह हिचकी ,सर्दी जुखाम और कान गले के रोग को ठीक करता है।
  • Priyangu Phool
    यह एक तरह की ओषधि है,जो पेट दर्द की समस्या ओर साथ ही दांत ओर कान के रोग में उपयोग की जाती है।
  • Nilophar
    यह रस के रूप में इस्तेमाल किया जाता है ,यह खून को साफ करने में मदद करता है। शरीर से गर्मी कम करता है। दिल, दिमाग, लिवर संबंधी तकलीफ में राहत देताहै, और कान के दर्द में भी उपयोगी होता है।
  • Giloy
    यह कान के लिए चमत्कारी है,यह कान को साफ और कान के रोग को ठीक करता है। जानिए क्या हैं पतंजलि गिलोय स्वरस के फायदे
  • Lavang
    लौंग के रस का प्रयोग कान, दांत आदि के दर्द में लाभदायक होता है।
  • Harad
    यह एक तरह के बीज की तरह होता है,जिसका फायदा कान, सर्दी जुखाम में किया जाता है।
  • Amla
    यह फल हर चीजों के लिए फायदेमंद होती है,इसका रस कान के लिए काफी अच्छा माना जाता है। 
  • Baheda
    यह एक प्रकार का पेड़ होता है,जिसके छाल का प्रयोग कर शरीर के रोग को ठीक करते है,जैसे दिल के रोग ,कान के रोग आदि।
  • Abhrak Bhasma
    यह एक तरह का चूर्ण जैसा होता है ,जो एक तरह का मिनरल है,जिसके प्रयोग से शरीर के रोग ठीक होते है, और कान के भी ।
  • Lauh Bhasma
    यह एनीमिया की समस्या को दूर करता है,ओर साथ ही कान के दर्द ओर इंफेक्शन में उपयोगी मानी जाती है ।
  • Arjun Kwath
    यह अर्जुन के पेड़ की छाल होती है ,जो  बीमारियों में उपयोग होती है ,जैसे  टीबी की बीमारी के अलावा कान दर्द, सूजन, बुखार के उपचार के लिए किया जाता है।
  • Jav Kwath
    यह रस के रूप में इस्तेमाल किया जाता है,जो शरीर के लिए अच्छा होता है, और कान गले के लिए भी लाभकारी होता है ।
  • Makoy Juice
    यह एक तरह का फल होता है,यह कान ,नाक के दर्द में काफी फायदेमंद है ।
  • Gunja Jad Juice
    यह एक तरह का बीज होता है ,यह दस्त,कान के दर्द में लाभकारी है।
  • Bhringraj Swaras
    यह एक तरह का फूल है,जिसका प्रयोग कान के दर्द में किया जाता है।

DIVYA SARIVADI VATI के फायदे और नुकसान

Pros

  • यह एक अच्छी ओषधि है ,जो कान के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है ,अगर कान के पर्दे फट जाए या दर्द हो यह उसमें भी फायदेमंद होता है ।
  • यह दवा मधुमेह के बीमारी में भी अच्छी है ,यह इसका रोग ठीक कर देती है। 
  • सांस से जोड़ी समस्या में भी यह दवा फायदेमंद है, इसका प्रयोग सांस से जोड़ी हर बीमारी में सुरक्षित है ।
  • यह दवा बुखार में भी उपयोगी है 
  • यह दवा मिर्गी के इलाज में भी इस्तेमाल किया जाता है।
  • यह दवा शराब की लत से भी छुटकारा दिलाती है ।

Cons

  •  यह दवा दो वर्ष से कम आयु के बच्चे को  यह औषधि न दें।
  • इस दवा को गर्भवती महिलाओं को  इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।
  • अगर आपको कोई बीमारी है ,तो इसे लेने से पहले डॉक्टर से संपर्क ज़रूर करें।

दवा का कैसे सेवन करें 

इस दवा को खाना खाने के कुछ समय  बाद  आप 1 टैबलेट लेकर व दूध या पानी के साथ सेवन करें।परंतु एक बार डॉक्टर से इस दवा को लेने से पहले कंसल्ट ज़रूर  करें।

कान की समस्या की वैकल्पिक दवाएं

ImageProductDetailPrice
Baidyanath Bilva Taila

Baidyanath Bilva Taila

  • यह दवा कान  के दर्द को ठीक करने के साथ साथ इंफेक्शन और सुनने के समस्या को भी ठीक करता है।
  • मूल्य-₹180
Add to Cart
Sri Nanak Pharmacy Kanmula Ear Drops Ayurvedic

Sri Nanak Pharmacy Kanmula Ear Drops Ayurvedic

  • यह दवा कान के कई रोग ठीक करती है,जैसे कान की सूजन, चोट,खुजली,दर्द आदि।
  • मूल्य-₹96
Add to Cart
Allen otovin Ear Drops

Allen otovin Ear Drops

  • कान में ब्लॉकेज होना, ज़्यादा गन्दगी, इंफेक्शन, दर्द और जलन को ठीक करता है।
  • मूल्य-₹50
Add to Cart
Baidyanath  Kshar Tel

Baidyanath Kshar Tel

  • इंफेक्शन,कान के दर्द को आदि ठीक करता है।
  • मूल्य-₹117
Add to Cart
Ear Liege - Ayurvedic Ear

Ear Liege – Ayurvedic Ear

  • यह दवा कान के रोग को ठीक करता है।
  • मूल्य-₹95
Add to Cart

घरेलु नुस्खे

  • अदरक का इस्तेमाल कान के दर्द को खत्म करता है अदरक के रस को जैतून के तेल में मिला कर लगाने से कान में आराम मिलता है।
  • तुलसी का रस कान के दर्द में आराम देता है इसे 2-3 दिन इस्तेमाल करने से दर्द कम होता है ,ओर कान को आराम मिलता है ।
  • नीम की पत्ती कान के दर्द को कम करती है ।
  • अजवाई ओर सरसो के तेल को मिलाकर लगाने से कान का दर्द कम होता है ।

योग 

  • भ्रामरी प्राणायाम – कान के लिए प्राणायाम
  • मत्स्यासन यह मछली कि मुद्रा में किया जाता है 
  • शून्य मुद्रा योग 
  • ब्रीदिंग एक्सरसाइज
  • ताड़ासन 

इन बातो का रखें ध्यान 

कान में दर्द होने की वजह से आपको इन बातों को ध्यान में रखना जरूरी है :-

  • सिगरेट का सेवन कम करें।
  •  कान में किसी भी तरह का औजार ना डालें, पिन,नुकीली चीज़ का प्रयोग बिल्कुल न करें।
  • स्विमिंग के बाद कान को सुखाएं, धूल-धक्कड़ और एलर्जी वाली चीजों से बचें।
  • समय समय पर कान की सफाई रखे ।
  • कोई भी कान की दवा को बिना डॉक्टर की इजाज़त के न लें।
  • साथ ही खानपान पर भी ध्यान रखें।
  • इयरफोन,हेडफोन का कम प्रयोग करें।

Doctor से कब मिलें

पतंजलि कान की दवा- ear checkup पतंजलि कान की दवा

डॉक्टर के पास तब जाए ,जब आपके कान के दर्द में आराम न हो, और घरेलू उपचार करने से भी राहत न हो तब आप डॉक्टर से संपर्क करें।

कान के दर्द से सम्बंधित सवाल

कान की दवाई क्या है?

Medipol Medi Mycetin कान की दवा है।जो मार्केट में मिल जाती है। और अच्छी भी है ,लेकिन दवा का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर को दिखा ज़रूर दे।

कान में मैल कैसे निकाले?

इसके लिए आप तेल डाल कर छोड़ दे कुछ दिन ,पर इससे अच्छा तरीका यह होता है , कि आप अपने कान को डॉक्टर से ही साफ़ करवाए।

अगर कान बंद हो तो क्या करें?

यह प्रॉबलम ज़्यादातर तब होती है ,जब जुखाम ,खासी होता है ,इसके लिए आप गुन गुने पानी से गरारा करें। और कान में तेल डाल लें।

कान की गंदगी कैसे साफ करें?

कान की सफाई रखना बहुत ही जरूरी होता है ,कान की गन्दगी को  साफ करने का यह सबसे सबसे आसान तरीका  है।इसके लिए आप कान में एक या दो बूंद सरसों  का तेल डालकर सिर को उसी दिशा में मोड़कर रखें और या तीह लेट जाए,ऐसा  पांच मिनट तक इसी अवस्था में रहने से कान की गन्दगी  मुलायम हो जाती है  और आराम से बाहर निकल जाती है।

कान में सूजन क्यों आता है?

यह तब होता है, नाक और गले का संक्रमण कान में पहुंच जाता है । यह जुकाम रहने पर नाक से कान तक जाने वाली यूस्टेशियन ट्यूब काम करना  करना बंद कर देती है, जिससे  करना पर्दे के पीछे दबाव असामान्य हो जाता है।जिससे  कान में  सूजन हो जाती है ।

आखरी शब्द 

कान के दर्द को लोग आम समझ कर कोई भी दवा का उपयोग कर ठीक कर लेते है,परंतु ज़रूरी नहीं है, कि यह हमेशा के लिए ठीक हो।कान की समस्या को जीतने हल्के में लेते,वहीं आगे चलकर एक पीड़ादायक बीमारी हो जाती है, जिसे सेहन करना भी मुश्किल हो जाता है।

ऐसे में डॉक्टर को दिखाना भी ज़रूरी हो जाता है। पर इस दर्द को न होने से भी बचाया जा सकता है,इसके लिए आपको सावधानियां भी रखना जरूरी हो जाती है,जो हमने आपको ऊपर बताया है।कान के दर्द को आप घरेलू उपचार से भी ठीक कर सकते है।

ऐसे ही एक दवा के बारे में हमने आपको बताया है, जो आयुर्वेदिक दवा है, पतंजलि कान दर्द की दवा जो आपके कान के रोग को ठीक करता है, इसका इस्तेमाल कर आप अपने कान के दर्द को जल्द कम व ख़त्म कर सकते है, इस दवा के फायदे भी हमने आपको बताए है।

साथ ही इस दवा के उपयोग के लिए आप पतंजलि डॉक्टर से भी संपर्क कर पूछ सकते है ।

1 thought on “पतंजलि कान की दवा- कान के दर्द के लिए आयुर्वेदिक दवा”

Leave a Comment