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पतंजलि दाद की दवा | दाद के 5 आयुर्वेदिक एवं घरेलू उपाय

Patanjali daad ki dawa aur anya gharelu upaay

दाद एक ऐसी समस्या है जिससे अधिकतर जनसख्या परेशान है। अक्सर ऐसा होता है के हम इसका इलाज कर कर के थक जाते हैं पर यह जड़ से ख़तम नही होता। तो ऐसे में क्या करें ? 

पतंजलि दाद की दवा बहुत उपयोगी साबित होती है ऐसे में।  इसमें अनेक प्रकार की जड़ीबूटियां और आयुर्वेद में लिखे हुए नुस्खों को इस्तेमाल किआ गया है।  

तो आज हम लोग बात करेंगे के दाद क्या होता है, इसके क्या कारण हैं, और इसका क्या हल है? हम पतंजलि दाद की दवा के फायदे और नुक्सान के बारे में भी जानकारी देंगे और ये बताएंगे के आप इसमें उपयोग किए गई इंग्रेडिएंट्स से क्या लाभ होता है। 

तो चलिए शुरू करते हैं।  और अगर आप त्वचा की ऐसी ही एक समस्या जिसे रंजकता/pigmentation कहते हैं, तो आप उसके बारे में भी जान सकते हैं। क्या आप जानते हैं की पतंजलि के पास इसका भी समाधान है ? PATANJALI SAUNDARYA ANTI AGING CREAM आप पा सकते हैं इस समस्या से निजात।

अगर आपको सीधा किसी सेक्शन पे जाना है तो आप निचे दिए गए इंडेक्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। 

दाद क्या होता है?

दाद एक तरह की स्किन से संबंधित बीमारी है जो फंगस की वजह से होती  है ।यह संक्रामक बीमारी है जो स्किन पर रिंग की तरह दिखती है ,इसका आकार चकत्ते की तरह नजर आने लगता है।

इसी वजह से इसे अंग्रेजी में रिंगवर्म कहते है ।चिकित्सकीय भाषा में इसे टीनिया नाम से जाना जाता है,यह त्वचा के किसी भी हिस्से में हो सकता है ।

दाद के कारण 

दाद एक तरह की बीमारी है ,जिसका कारण फंगस है ,यह जरूरी नहीं है कि यह लंबे समय तक रहे । दाद  होने के कारण यह है : 

दाद के लक्षण 

दाद शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है ,हम आपको दाद के कुछ लक्षण बताएंगे ,जिससे यह पता  चल जाएगा कि दाद की समस्या है या नहीं 

दाद का उपचार

दाद के उपचार भी काफी सारे है उनमें से ही कुछ हम आपको बताएंगे –

योग 

उत्तरासन,त्रिकोणासन,भुजंगासन,जानु शीर्षाशान,पवन मुक्ताशन,सूर्य नमस्कार,सुबह दौड़ना या टहलना


पंचकर्म 

पंचकर्म यह एक तरह का आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति है ।जो शरीर में हुए समस्या व रोगों को जड़ से बाहर निकालता है , तथा समाप्त भी करता है । पंचकर्म नाम इसलिए है , क्योंकि यह पांच प्रकार के कर्म तरीकों से किया जाता है  ,यह शरीर के सारे रोगों का इलाज कर बाहर निकालता है ।

इसी को पंचकर्म ट्रीटमेंट कहा जाता है ,और साथ ही यह सस्ता ट्रीटमेंट भी है ,जिससे  ज्यादातर रोग ठीक हो जाते है । इस उपचार को आप तब ही  करे जब आपका दाद रोग बहुत पुराना हो जाए ,क्योंकि इसकी ज़रूर भी तभी पड़ती है ,साथ ही पंचकर्म चिकित्सा की तभी ही जरूरत पड़ती है ।

दाद पित्त कफ दोष और रक्त धातु में गड़बड़ी होने की वजह से होता है ।इसे ठीक करने के लिए पंचकर्म में  विरेचन चिकित्सा से ही करवाए यह दाद को जल्दी ठीक कर देता है ।


आयुर्वेदा 

दाद के लिए आयुर्वेदिक दवा ज्यादा अच्छी और सुरक्षित होती  है। और दाद की कुछ बेहतरीन आयुर्वेदिक दवा पंचनिम्ब वटी,गोखरू घन वटी,वसा घन वटी,त्रिफला गूगल,असन्दी घन वटी, स्किन केप।

वैसे यह दवा दाद के लिए अच्छी है पर इन दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करे , क्यों कि सबका शरीर अलग होता है और साथ ही हर दवा अलग तरह से शरीर में असर करती है । 

इसके लिए आप आयुर्वेद हॉस्पिटल में जाए ,इससे आपको और अच्छा आयुर्वेदिक उपचार मिलेगा ।


घरेलु उपाय 

नारियल का तेल तो सबके घर में आसानी से मिल ही जाता है ।और नारियल का तेल फायदेमंद भी बहुत होता है, क्यों कि यह दाद , खाज खुजली व चोट के लिए काफी लाभदायक होती है ,स्किन के कई समस्या को यह ठीक कर देता है ।नारियल  का तेल हमारे शरीर के लिए भी अच्छा होता है ,यह शरीर के तीनो दोष वात पित्त, और कफ को ठीक करता है ।

नारियल के तेल को किस तरह से अपने दाद पर प्रयोग करें –

हल्दी एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक की तरह काम  करता है। जो स्किन से संबंधित सभी समस्या को ठीक करता है।

इसे किस तरह से दाद पर इस्तेमाल करें –


पतंजलि दाद की दवा- DIVYA KAYAKALP VATI EXTRA POWER 40 GM

DIVYA KAYAKALP VATI EXTRA POWER

पतंजलि दाद की दवा

  • मूल्य 150 रुपए
  • क्वांटिटी 40 ग्राम
  • Divya Pharmacy द्वारा निर्मित
  • खुराक: 1 से 2 टैबलेट पानी से भोजन से पहले या चिकित्सक द्वारा निर्देशित के रूप में रोजाना दो बार

दिव्य कायाकल्प वटी,  रामदेव के दिव्य फार्मेसी पतंजलि में बनाई गई है जो  आयुर्वेदिक दवा है ।यह दवाई शरीर की काफी बीमारी को ठीक करती है।

दिव्य कायाकल्प वटी में  जड़ी बूटियां हैं, जो   त्वचा रोग के इलाज में इस्तेमाल की जाती  हैं।

यह एक आयुर्वेदिक दवा है, जो त्वचा रोगों के उपचार में उपयोग की जाती है। पर साथ ही, यह स्किन  इलाज में भी काम  होती  है। इस दवा  का मुख्य काम है खून की सफाई और  रक्तचाप पर  नियंत्रण करना।

इंग्रीडिएंट्स 

Ingredients

  • दारू हल्दी (Berberis Aristata) 
     यह  नेत्र रोग, खुजली, त्वचा के के लिए , भी  लाभदायक है | कफ तथा सूजन नाशक है। दारुहल्दी विशेषतः कफ नाशक है।
  • पनवाड़ (Cassia tora) 
    पनवाड़ के बीज कड़वी, गर्म होती हैं | ये दाद –  रिंगवर्म , सूजन को ठीक करता  है।इसकी पत्ते-साग की तरह खा सकते हैं| खुजली के लिए भी लाभदायक होते है,यह लिवर के लिए अच्छा होता है ।
  • करंज (Caesalpinia Bonducella) 
    करंज के पौधे को दवा  के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। बाल गिरने  की समस्या, आंखों, दांतों के रोग में करंज से लाभ मिलता है। आयुर्वेद के अनुसार, घाव, , पेट की बीमारी और बवासीर के लिए अच्छी दवा है ।
  • हल्दी (Curcuma longa) 
    हल्दी पाचन के लिए अच्छा होता है  और गैस ब्लोटिंग को कम करती है। हल्दी शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाती है। इसमें मौजूद लाइपोपॉलीसकराइड नाम का पदार्थ यह काम करता है।
  • मंजिष्ठा (Rubia cordifolia) 
    मंजिष्ठा या मंजीठ के जड़, तना, फल और पत्ते का औषधि के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मंजिष्ठा सौंदर्य संबंधी समस्या,  और तरह-तरह के बीमारियों से राहत दिलाने में भी सहायता करता है।
  • चन्दन श्वेत (Santalum album)  
    मंजिष्ठा या मंजीठ के जड़, तना, फल और पत्ते का औषधि के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मंजिष्ठा सौंदर्य संबंधी समस्या,  और तरह-तरह के बीमारियों से राहत दिलाने में भी सहायता करता है।
  • चन्दन श्वेत (Santalum album)  
    चन्दन श्वेत चेहरे के लिए अच्छा होता है, साथ ही घाव और दाद के लिए लाभकारी है। 
  • कुटकी (Picrorhiza Kurroa) 
    कुटकी , पित्त और कफ की परेशानी को ठीक करता है  ,यह एक तरह से भूख बढ़ाने वाली जड़ी-बूटी है। यह काफी सारे इलाज के लिए अच्छी है जैसे  बुखार, टाइफाइड, टीबी, बवासीर, दर्द, चर्म रोग, डायबिटीज आदि में फायदेमंद है।
  • नीम  (Azadirachta Indica)  
    एंटीबायोटिक गुणों से भरपूर नीम को   सर्वोच्च औषधि के माना जाता है यह स्वाद में    कड़वा होता है ,और स्किन के लिए   लाभदायक होता है।
  • खैर (Acacia catechu) 
    खैर के पत्तों का काढ़ा बनाकर पीने से खून साफ  होता है। पुराने घाव फोड़े फुंसी इसे लगाने से जल्दी ठीक होते हैं खैर के सेवन से दिल को बीमारी भी  ठीक होती  हैं।
  • चिरायता (Swertia Chirata) 
    यह पेट साफ करता है साथ ही बुखार के लिए काम आता है ।और स्किन से संबंधित समस्या के लिए अच्छी है।
  • द्रोणपुष्पी  (Leucas cephalotes)
    बुखार, टाइफाइड, में द्रोणपुष्पी के इस्तेमाल से फायदा होता है। न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर, दाद-खाज-खुजली, आदि में भी द्रोणपुष्पी के  गुण से लाभ मिलता है।
  • हरड  (Terminalia chebula)
    यह एक तरह की जड़ी बूटी है जिसका प्रयोग पेट के पाचन और खांसी ,वजन कम करने के लिए किया जाता है ,साथ ही स्किन में अगर कोई इंफेक्शन है तो यह को भी ठीक करता है ।
  • कत्था (Acacia catechu) 
    कत्थे के पेड़ की टहनी, छाल और लकड़ी में औषधीय गुण होते हैं। कत्थे में एंटीफंगल गुण होते हैं,जो दाद ,खुजली यानी यह फंगल संक्रमण रोकता है। इसके सेवन से त्वचा संबंधी बीमारियां नहीं होती है ।
  • आमला (Emblica officinalis) 
    विटामिन-सी से भरपूर आंवला, आंखों, बालों और त्वचा के लिए फायदेमंद है।
  • कलमी शोरा
    इसके फूल का प्रयोग कर दाद खाज खुजली को ठीक करने में इस्तेमाल किया जाता है, साथ ही अन्य बीमारियों के लिए भी काम आता है।
  • रसमणिक्य 
    यह बुखार ,बवासीर,खांसी और स्किन से संबंधित इंफेक्शन भी ठीक करता है ।
  • गिलोय (Tinospora Cordifolia)
    गिलोय के पत्तों में कैल्शियम, प्रोटीन, फास्फोरस   पाया जाता है। इसकी पत्ती में स्टार्च की बहुत अच्छी मात्रा होती है। गिलोय एक बहुत अच्छा इम्यूनिटी बूस्टर होता है यह इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के साथ-साथ कई खतरनाक बीमारियों से भी सुरक्षा प्रदान करता है।और साथ ही स्किन को भी ठीक रहता है ।
  • नीला थोथा शुद्ध 
    यह नीले और सफेद रंग का होता है और यह  एक तरह का केमिकल होता है ,जो मच्छर के लार्वा नाशक और,एंटीसेप्टिक क्रीम दाद के लिए इस्तेमाल किया जाता है ।
  • छोटी कथकली (Solanum Xanthocarpum)
    यह एक तरह की आयुर्वेदिक हर्ब है ,जो स्किन  इन्फेक्शन और खांसी बुखार में इस्तेमाल किया जाता है ।
  • इन्द्रायण मूल (Citrullus Colocynthis)
    इसके जड़ का प्रयोग कर  चूर्ण तैयार किया जाता है ,जो बुखार ,जलन को स्किन संबंधी समस्या को ठीक करता है ।
  • देवदारु (Cedrus Deodara)
    देवदरू का प्रयोग स्किन के लिए किया जाता है ,यह रिंकल और एक्ने ठीक करता है साथ ही स्किन के लिए भी अच्छा है ,स्किन में इंफेक्शन भी ठीक करता है।
  • उश्वा (Smilax ornata)
    यह एक तरह की  दवा है जो  स्किन रिलेटेड प्रॉब्लम जैसे चेहरे पर जलन और धब्बे  को साफ करता है ,और दाद खाज खुजली के लिए भी लाभकारी है ।
  • रीठा  (Sapindus Mukorossi)
    यह स्किन को हाइड्रेट करता है और ड्राई स्किन को ठीक कर उसे ग्लो करने में मदद करता है, साथ ही स्किन को साफ रखता है ।
  • बकुची  (Psoralea Corylifolia)
    यह एक तरह का पौधा  है जो आयुर्वेदिक चीजों में उपयोग किया जाता है ।यह स्किन के लिए बहुत ही लाभदायक है ।स्किन के एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल प्रॉब्लम को ठीक करता है ।
  • बहेड़ा  (Terminalia bellirica)
    यह एक तरह का फल है ,जो एक्ने स्कार्स को ठीक करता है और साथ ही जली हुई स्किन को ठीक करता है ।और यह स्किन में इंफेक्शन भी ठीक करता है ।
  • कालीजीरी (Centra
    theruman
    thelmint icum)
    कलिजीरी पाचन क्रिया के लिए अच्छा होता है साथ ही यह खांसी और स्किन के लिए फायदेमंद होता है ।काली जीरी को एक  तरह से आयुर्वेदिक चीजों में उपयोग किया जाता है ।यह स्किन में फंगल बैक्टीरिया से होने वाले समस्या को ठीक करता है ,इसमें एंटीऑक्सीडेंट होता है ,जो त्वचा को ठीक करने में मदद करता है ।

लाभ

  • चेहरे के काले धब्बे को साफ करता है ,और चेहरे के रंग भी ठीक होता है ।
  • यह स्किन के अंदर की परत में भी  सुधार करती है।
  • यह स्किन में ग्लो और साथ ही स्किन को सॉफ्ट भी करती है ।
  • यह सूरज की रोशनी से निकलने वाली अल्ट्रावायलेट किरणों से सुरक्षा भी देती है।
  • यह स्किन से दाद भी हटा देती है ,साथ ही स्किन के निशान ,मुंहासे भी साफ कर देती है ।

साइड इफेक्ट्स

  • इस प्रोडक्ट के कोई भी साइड इफेक्ट नहीं दिखे है ,लेकिन अगर आपको दाद लंबे समय से है तो पहले डॉक्टर से कंसल्ट ज़रूर करें ।

पतंजलि दाद की दवा- वैकल्पिक दवाएं 

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Ring guard cream 

  • Effectiveness- 2week
  • Pack of 2
  • Price – ₹199
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Terbinafine tablet 

  • 4-8 days
  • Price – ₹32
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दाद होने पर क्या नहीं खाना चाहिए?

अगर आपको दाद हो जाए तो इन चीज़ों का सेवन ना करे :-


डॉक्टर से कब मिलें 

दाद एक  फैलने वाली बीमारी है,जो  बहुत ज्यादा फैल गया हो, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा, और अगर आप किसी दाद वाली दवाई का उपयोग करना चाहते है ,तो सलाह पहले ज़रूर ले।और अगर उपाय करने के बाद भी दाद में कोई सुधार न आए, तो डॉक्टर से बात ज़रूर करे।


दाद से बचने के टिप्स

आखरी शब्द 

दाद खाज खुजली की दवा यह लाभकारी है ,इसके इस्तेमाल से दाद जल्दी भी ठीक होता है । अब यह सोचने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि दाद होने पर क्या करें। बस ध्यान दें कि यह ऐसी समस्या है, जिसमें सावधान रहना बहुत जरूरी है। थोड़ी-सी लापरवाही की वजह से यह बहुत फैल सकता है। इसके लिए आप अपना खानपान और डॉक्टर से भी सलाह ज़रूर ले जब ज़्यादा जरूरत पड़े। इससे घबराने की भी आवश्यकता नहीं है ।

तो एक बार इस दवा को ज़रूर इस्तेमाल करें अपने दाद को जल्दी ठीक करने के लिए । पतंजलि की दवा काफी लाभदायक है ,हमने आपको पतंजलि आयुर्वेदिक दवा से संबंधित काफी दवा ऊपर बताई है ,आप उनमें कोई भी दवा इस्तेमाल कर अपने दाद की समस्या को ठीक कर सकते है ।पतंजलि की दवा दाद के साथ त्वचा से संबंधित प्रॉब्लम को भी ठीक करता है ।तो इस प्रोडक्ट को ज़रूर खरीदे ,और अपनी समस्या से छुटकारा पाएं।

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